महाराष्ट्र उर्दू साहित्य अकादमी अपनी स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में बहार-ए-उर्दू नामक एक भव्य समारोह का आयोजन कर रही है, जिसमें मुंबई उर्दू साहित्य, कला और संगीत की समृद्ध परंपराओं में डूबने के लिए तैयार है। महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक विभाग द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम 6, 7 और 8 अक्टूबर 2025 को वर्ली के प्रतिष्ठित डोम एसवीपी स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।
शब्दों, संगीत और विरासत का उत्सव
यह आयोजन उर्दू के शाश्वत आकर्षण का संगम होगा – विचारोत्तेजक संगोष्ठियों, पैनल चर्चाओं और कहानी-कथन सत्रों से लेकर ग़ज़लों, कव्वाली और सूफ़ी संगीत की भावपूर्ण प्रस्तुतियों तक। प्रदर्शनी स्टॉल सांस्कृतिक ताज़गी में चार चाँद लगाएँगे, जहाँ उर्दू की साहित्यिक और कलात्मक यात्रा का जश्न मनाने वाली कृतियाँ प्रदर्शित की जाएँगी।
हर दिन प्रस्तुतियों का अनूठा मिश्रण देखने को मिलेगा:
पहले दिन (6 अक्टूबर) की शुरुआत एक प्रदर्शनी और उद्घाटन समारोह के साथ होगी, जिसके बाद एक भावपूर्ण कौमी यकजेहती गीत, एक उर्दू नाटक और प्रशंसित कवियों द्वारा प्रस्तुत एक प्रसिद्ध मुशायरा होगा। शाम का कार्यक्रम पुरस्कार वितरण समारोह, हास्य कलाकार सुरेंद्र शर्मा के साथ एक सत्र, सचिन पिलगांवकर और रूमी जाफरी व अन्य के साथ “फिल्मों में उर्दू” पर एक पैनल चर्चा, और जावेद अख्तर व रूमी जाफरी के साथ एक रोचक प्रश्नोत्तर सत्र में बदल जाएगा। इस कार्यक्रम की मेजबानी शेखर सुमन और अली असगर करेंगे, और समापन प्रसिद्ध साबरी बंधुओं द्वारा संचालित एक जोशीली सूफी/कव्वाली संध्या के साथ होगा।
दूसरे दिन (7 अक्टूबर) युवा कवियों द्वारा एक मुशायरा, उर्दू भाषा पर एक अकादमिक संगोष्ठी, एक जीवंत फैशन शो और एक दास्तानगोई प्रस्तुति के साथ उत्सव जारी रहेगा। शाम के मुख्य आकर्षणों में झेलम सिंह द्वारा एक भावपूर्ण सूफी प्रस्तुति और विभिन्न श्रेणियों में 156 पुरस्कारों का वितरण शामिल है। इस दिन की मेज़बानी प्रिया मलिक और इम्तियाज़ खलील करेंगे।
तीसरा दिन (8 अक्टूबर) संगीत की शानदार प्रस्तुति से भरपूर होगा, जिसमें सूफ़ी संगीत, ग़ज़ल और कव्वाली की प्रस्तुतियाँ शामिल होंगी। मुख्य आकर्षण मुशायरे, नाट्य प्रस्तुतियाँ और शबाब साबरी की एक भावपूर्ण कव्वाली प्रस्तुति होगी। समापन समारोह शेखर सुमन द्वारा आयोजित किया जाएगा, जिसका समापन पद्मश्री अनूप जलोटा द्वारा एक भव्य समापन समारोह में होगा, जिनकी ग़ज़लों ने दुनिया भर के श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है।
एक जीवंत विरासत
उर्दू हमेशा से एक भाषा से कहीं बढ़कर रही है – यह संस्कृतियों, भावनाओं और साझी विरासत का एक सेतु है। पचास वर्षों से, महाराष्ट्र उर्दू साहित्य अकादमी इस विरासत को संजोए हुए है और कवियों, लेखकों, कलाकारों और कलाकारों को इस ज्योति को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। बहार-ए-उर्दू न केवल अतीत का उत्सव है, बल्कि भविष्य के लिए एक वादा भी है – जो आने वाली पीढ़ियों के लिए उर्दू की सुंदरता को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए अकादमी की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
कार्यक्रम विवरण
दिनांक: 6, 7, 8 अक्टूबर 2025
समय: दोपहर 3:00 बजे से रात 10:00 बजे तक (6 और 7 अक्टूबर), दोपहर 2:00 बजे से रात 9:00 बजे तक (8 अक्टूबर)
स्थान: डोम एसवीपी स्टेडियम, लाला लाजपतराय मार्ग, वर्ली, मुंबई।
बहार-ए-उर्दू – महाराष्ट्र उर्दू साहित्य अकादमी के 50 वर्ष
दिन 1 – 6 अक्टूबर 2025
होस्ट: शेखर सुमन और अली असगर
युवा कवियों द्वारा ओपन माइक: इश्तियाक असर, अब्दुस्समद सफी, आबिद असीर, रियाज मतनवी, इलियास गाजी, सैयद शाकिर, शादाब हुसैन, अफरोज आलम, आरिफ इनामदार, अमजद, अफसर, ताबिश अख्तर, साजिद अख्तर
* उद्घाटन प्रदर्शन (कौमी यकजेहती गीत): फ़र्ख़ंदा, कोहिनूर संगीत अकादमी
* उर्दू नाट्य नाटक: मुजीब खान (इश्क जले तो जले ऐसा), साहिल लुधियानवी
* मुशायरा (सेलिब्रिटी कवि): राजेश रेड्डी, उबैद आजम आजमी, शकील आजमी, महसर अफरीदी, कमर सिद्दीकी, शिखा अवदेश
* प्रश्नोत्तर सत्र: जावेद अख्तर और रूमी जाफ़री
* पैनल चर्चा – फिल्म मुख्य उर्दू: सचिन पिलगांवकर, रूमी जाफरी, सैयद कादरी, शेखर सुमन द्वारा संचालित
* हास्य कवि: सुरेंद्र शर्मा
* सूफी/कव्वाली रात: साबरी ब्रदर्स
दिन 2 – 7 अक्टूबर 2025
मेजबान: प्रिया मलिक और इम्तियाज खलील
* युवा कवियों द्वारा मुशायरा: कायम शाह, अहद सईद, ज़ैन लखीमपुरी, रियाज़ मतनवी, अफ़रोज़ आलम, सैयद शाकिर, अन्य
* उर्दू भाषा पर सेमिनार: डॉ. अब्दुल्ला
* फैशन शो: फारुक सैय्यद ग्रुप और बिजनोई जी
* दास्तानगोई प्रदर्शन: फ़ौज़िया (मीना कुमारी नाटक)
* सूफी रात्रि प्रदर्शन: झेलम सिंह (सूफी संगीत)
* पुरस्कार वितरण: विभिन्न श्रेणियों में 156 पुरस्कार
दिन 3 – 8वाँ अक्टूबर 2025
होस्ट: शेखर सुमन
* युवा कवियों द्वारा ओपन माइक: सैय्यद सलमान अब्बास, गुलाम हुसैन, अज़हर शाह, अन्य
* बैत बाजी (उर्दू कविता प्रतियोगिता): रईस हाई स्कूल और जूनियर कॉलेज, भिवंडी
* तमसीली मुशायरा (नाटकीय मुशायरा): जाहिद अली
* उर्दू नाट्य नाटक: इक़बाल नियाज़ी
* युवा कवियों द्वारा मुशायरा: कलीम समर और अन्य
* कव्वाली रात: शबाब शांति
* ग्रैंड फिनाले – ग़ज़ल: पद्मश्री अनुप जलोटा


बहार-ए-उर्दू: महाराष्ट्र उर्दू साहित्य कला के 50 वर्ष पूरे होने का जश्न ! जावेद अख्तर,शेखर सुमन ,सचिन पिलगांवकर समेत तमाम हस्तियां बनेंगी उर्दू साहित्य कला का हिस्सा !
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