निर्माता निर्देशक अंकित दे, ईपी अनूप दे की फ़िल्म में विख्यात वाइस ओवर आर्टिस्ट सोनल कौशल व संजय केनी की है आवाज़. भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में अब तरह तरह के नए प्रयोग किए जा रहे हैं। भारतीय एनिमेशन इंडस्ट्री में पहली अंडरवाटर एनिमेशन थीम वाली फीचर फिल्म “पानीलोक” बन रही है, जो एक नया नजरिया पेश करती है। परिचय एनिमेशन स्टूडियो द्वारा निर्मित की जा रही यह फ़िल्म अगले वर्ष रिलीज होगी। मुम्बई के मेट्रोपोलिस होटल में इस फ़िल्म की प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया जहां फ़िल्म के निर्माता निर्देशक अंकित दे, सह निर्देशक दीपशिखा देका, एग्जेक्युटिव प्रोड्यूसर अनूप दे, वाइस ओवर आर्टिस्ट सोनल कौशल और संजय केनी मौजूद थे।
इंसान की गतिविधियों की वजह से होने वाले गंभीर पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में बात करते हुए, यह फ़िल्म एक छोटे बच्चे के खोजी दिमाग की सुंदरता को भी सामने लाती है क्योंकि यह बच्चा रोमांच की खोज करता है और पानी की दुनिया से परे क्या है, वह इस बात की तलाश करता है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि पर्यावरण प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर आधारित एक अंडरवाटर थीम पर बेस्ड फीचर फिल्म बन रही है। यह फिल्म हिंदी और अंग्रेजी में होगी और 2023 में दुनिया भर में रिलीज होगी। फ़िल्म से जुड़े अधिकतर लोग आसाम से सम्बन्ध रखते हैं।
भारतीय एनीमेशन के विकास के बारे में बात करते हुए, परिचय एनिमेशन स्टूडियो के प्रमुख और फिल्म के निर्देशक अंकित दे ने बताया कि आज भारतीय निर्देशक और एनीमेशन हाउस विश्व स्तरीय फिल्मों का निर्माण करने में सक्षम हैं, पानीलोक बनाने के पीछे का विचार यह दिखाना था कि यह संभव है कि भारत में भी विश्व स्तरीय एनिमेशन फिल्म बनाई जा सकती है। उन्होंने आगे कहा कि, “भारतीय एनिमेशन इंडस्ट्री वास्तव में पिछले दशक में काफी विकसित हुई है। नई तकनीकों को अपनाने और रचनात्मक दिमाग के साथ काम करने की वजह से विश्व स्तर के एनीमेशन स्टूडियो की तुलना में हमारा सफर संभव हो पाया है।” गुणवत्ता के मामले में पानीलोक अन्य भारतीय एनीमेशन फिल्मों की तुलना में बहुत बेहतर है। हम एक बेंचमार्क स्थापित करना चाहते हैं और इस इंडस्ट्री में एक क्रांति लाना चाहते हैं। फिल्म की सह-निर्देशक दीपशिखा देका कहती हैं, “हमने इस फिल्म को इसलिए चुना क्योंकि यह कुछ ऐसा है जिसने हमारी दिलचस्पी तुरंत बढ़ा दी है। मैं अपने लेखकों द्वारा दी गई कहानी से प्रभावित हूं क्योंकि इसने मुझे यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि अगर हमें अपने भारतीय एनिमेशन इंडस्ट्री के लिए कुछ बड़ा हासिल करना है तो हमें एक ऐसे कार्य को पूरा करने के लिए खुद को चुनौती देनी होगी जो हमारे लिए नया हो और जो इंडस्ट्री में एक क्रांति ला दे।
डायरेक्टर अंकित दे ने बताया कि फ़िल्म का 40 प्रतिशत काम हो गया है।
भरत सचदेवा वीएफएक्स के इंचार्च हैं जबकि साउंड और म्युज़िक की जिम्मेदारी अविनाश ने संभाली है। फ़िल्म में 2 गाने भी हैं।
सोनल कौशल ने बताया कि पानीलोक टाइटल ही इशारा देता है कि यह पानी के अंदर की दुनिया को दर्शाने वाली फिल्म है। मैंने इसमे कई किरदारों के लिए आवाज़ दी है और डबिंग करते हुए मैं खुद खूब एन्जॉय कर रही थी, इसलिए मुझे विश्वास है कि यह फ़िल्म बच्चों के साथ साथ बड़ों को भी खूब एंटरटेन करने वाली है। कई सीन ऐसे भी हैं कि मैं इमोशनल हो गई तो इस फ़िल्म में कॉमेडी, ड्रामा, इमोशन सबकुछ है।
संजय केनी ने कहा कि मैंने काफी एनिमेशन सीरीज की है मगर इस बार मुझे कुछ अलग करने का मौका मिला है। पानीलोक के जो मानवीय किरदार हैं मैंने उनकी आवाज़ निकाली है।
लेखक जैन गुप्ता ने कहा कि मैंने इस फ़िल्म की कहानी नितिन शर्मा के साथ मिलकर लिखी है। एनिमेशन फ़िल्म के लिए स्क्रिप्ट लिखना काफी मुश्किल होता है मगर हमने इसे काफी मनोरंजक रुप से पेश करने की कोशिश की है।
सोनल कौशल ने एक मछली की प्यारी आवाज़ में कुछ डायलॉग बोलकर सबका दिल जीत लिया वहीं संजय केनी ने मुन्ना और सर्किट की आवाज़ में डायलॉग बोला। यहां गेस्ट के रूप में दलजीत कौर भी मौजूद थीं जिन्होंने पानीलोक की पूरी टीम को बधाई व शुभकामनाएं दीं। पानीलोक फिल्म का प्रमोशन पूरे विश्व में अमर PR मीडिया ने संभाला है।
इस प्रेस कांफ्रेंस के पीआर की जिम्मेदारी अमर और रमाकांत मुंडे (मुंडे मीडिया पीआर) ने बखूबी संभाली।
छायाकार : रमाकांत मुंडे मुंबई




‘ पानीलोक ‘ भारत की पहली अंडरवाटर एनिमेशन फिल्म बन रही परिचय एनिमेशन स्टूडियो के द्वारा
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